नियम, अनुमानित तिथि नहीं

व्रत आवृत्ति कैलेंडर

चंद्र तिथि, वार और पर्व-ऋतु के अनुसार पारंपरिक व्रत नियम देखें। वास्तविक तिथि स्थान, सूर्योदय, चंद्रोदय और स्थानीय पंचांग पर निर्भर हो सकती है।

यह शैक्षिक आवृत्ति मानचित्र है, वार्षिक दिनांक सूची नहीं। कोई भी व्रत तिथि तय करने से पहले अपने स्थान का विश्वसनीय पंचांग और पारिवारिक/संप्रदाय परंपरा देखें।

चंद्र तिथि और पक्ष

चंद्र

एकादशी व्रत

हर महीने के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों की एकादशी तिथि (11वें दिन) को मनाया जाता है।

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चंद्र

करवा चौथ व्रत

हिन्दू मास कार्तिक के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है।

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चंद्र

प्रदोष व्रत

शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि (13वें दिन) को प्रदोष काल (संध्या बेला) में मनाया जाता है।

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चंद्र

महाशिवरात्रि व्रत

हिन्दू मास फाल्गुन (फरवरी/मार्च) में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है।

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चंद्र

जन्माष्टमी व्रत

हिन्दू मास भाद्रपद (अगस्त/सितंबर) में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।

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चंद्र

छठ पूजा व्रत

चार दिनों तक मनाया जाता है, जो कार्तिक मास (अक्टूबर/नवंबर) के शुक्ल पक्ष की छठी तिथि (षष्ठी) को संपन्न होता है।

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चंद्र

हरतालिका तीज व्रत

हिन्दू मास भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है।

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चंद्र

राम नवमी व्रत

हिन्दू मास चैत्र (मार्च/अप्रैल) में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है।

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चंद्र

गणेश चतुर्थी व्रत

हिन्दू मास भाद्रपद (अगस्त/सितंबर) में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है, जो 10 दिवसीय उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है।

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चंद्र

अमावस्या व्रत

प्रत्येक चंद्र मास के अमावस्या (चंद्रमा विहीन) के दिन मनाया जाता है।

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चंद्र

पूर्णिमा व्रत (सत्यानारायण व्रत)

प्रत्येक चंद्र मास की पूर्णिमा (पूरे चंद्रमा के दिन) को मनाया जाता है।

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चंद्र

संकष्टी चतुर्थी

प्रत्येक चंद्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि (चौथे दिन) को मनाया जाता है।

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वार-आधारित व्रत

वार

सोमवार व्रत

प्रत्येक सोमवार को मनाया जाता है, और पवित्र श्रावण मास (जुलाई/अगस्त) के दौरान इसका विशेष महत्व होता है।

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वार

मंगलवार / शनिवार व्रत

प्रत्येक सप्ताह मंगलवार (भगवान हनुमान को समर्पित) या शनिवार (भगवान शनि को समर्पित) को मनाया जाता है।

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वार

बृहस्पतिवार / गुरुवार व्रत

बृहस्पति देव (गुरु) और भगवान विष्णु को समर्पित, प्रत्येक गुरुवार को मनाया जाता है।

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पर्व और ऋतु-आधारित व्रत

पर्व / ऋतु

नवरात्रि व्रत

हिन्दू मास चैत्र (वसन्त) और आश्विन (शरद) में शुक्ल पक्ष के पहले नौ दिनों के दौरान मनाया जाता है।

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बहु-सप्ताह संकल्प

बहु-सप्ताह

संतोषी माता व्रत

मनोकामनाओं की पूर्ति और संतोष की प्राप्ति के लिए लगातार 16 शुक्रवार तक मनाया जाता है।

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बहु-सप्ताह

वैभव लक्ष्मी व्रत

धन और समृद्धि का आह्वान करने के लिए संकल्पित हफ्तों (जैसे 7, 11 या 21 सप्ताह) तक शुक्रवार को मनाया जाता है।

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