कब और क्यों
पारंपरिक समय-नियम
हिन्दू मास कार्तिक के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है।
यह नियम केवल परंपरागत आवृत्ति बताता है। स्थान-विशिष्ट तिथि के लिए विश्वसनीय पंचांग देखें।
परंपरा · समय-नियम · सुरक्षित अभ्यास
पारंपरिक उद्देश्य: जीवनसाथी की दीर्घायु, सुरक्षा, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना के लिए।
हिन्दू मास कार्तिक के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है।
यह नियम केवल परंपरागत आवृत्ति बताता है। स्थान-विशिष्ट तिथि के लिए विश्वसनीय पंचांग देखें।
व्रत की पूर्णता तब मानी जाती है जब व्रती छलनी से चंद्रमा के दर्शन करती है, चंद्रमा को जल और अर्घ्य अर्पित करती है और पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत खोलती है।