कब और क्यों
पारंपरिक समय-नियम
हिन्दू मास भाद्रपद (अगस्त/सितंबर) में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है, जो 10 दिवसीय उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है।
यह नियम केवल परंपरागत आवृत्ति बताता है। स्थान-विशिष्ट तिथि के लिए विश्वसनीय पंचांग देखें।
परंपरा · समय-नियम · सुरक्षित अभ्यास
पारंपरिक उद्देश्य: विघ्नहर्ता भगवान गणेश का आह्वान करने और जीवन में बुद्धि, ज्ञान और नए कार्यों की शुरुआत के लिए।
हिन्दू मास भाद्रपद (अगस्त/सितंबर) में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है, जो 10 दिवसीय उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है।
यह नियम केवल परंपरागत आवृत्ति बताता है। स्थान-विशिष्ट तिथि के लिए विश्वसनीय पंचांग देखें।
दैनिक अनुष्ठान पूजा पूरी करने, भगवान गणेश को मोदक अर्पित करने और शाम के दर्शन या पूजा के पूरा होने के बाद व्रत खोलने से व्रत पूर्ण माना जाता है।