शास्त्री जी की मार्गदर्शिका

अवसर एवं मीलस्टोन पूजाएँ

गृह प्रवेश, सत्यनारायण कथा, वास्तु शुद्धि और नामकरण जैसी जीवन अवसर पूजा विधियाँ।

Moving into a New Home / Housewarming (गृह प्रवेश) Lord Ganesha, Goddess Lakshmi & Vastu Purusha (गणेश जी, माँ लक्ष्मी एवं वास्तु पुरुष)

DIY Simple Griha Pravesh & Space Blessing (सरल गृह प्रवेश एवं वास्तु शांति विधि)

नए घर में रहने से पहले गृह प्रवेश एवं वास्तु पूजा की जाती है। इससे घर के नकारात्मक दोष दूर होते हैं, वास्तु पुरुष और माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है तथा घर में सुख-शांति का वास होता है।

विधि देखें →
Family Auspicious Occasions, Birthdays, Anniversaries & Gratitude (सत्यनारायण कथा) Lord Satyanarayan / Lord Vishnu (भगवान सत्यनारायण)

Satyanarayan Swamy Katha at Home (सत्यनारायण स्वामी व्रत कथा)

भगवान सत्यनारायण (विष्णु जी) की कथा और पूजा घर में सुख, शांति, सत्य और आर्थिक समृद्धि लाती है। किसी भी बड़े अवसर, जन्मदिन, वर्षगांठ या संकल्प पूर्ति पर यह कथा की जाती है।

विधि देखें →
Remedial Purification for House Negativity, Sickness, or Financial Blocks (वास्तु दोष निवारण एवं शांति) Vastu Purusha & Pancha Bhoota (वास्तु पुरुष एवं पंचमहाभूत)

Vastu Dosh Removal & Space Cleansing Ritual (वास्तु दोष शांति एवं ऊर्जा शुद्धि)

जब घर में तनाव, बीमारी या आर्थिक रुकावटें आ रही हों, तो वास्तु दोष निवारण और ऊर्जा शुद्धि पूजा की जाती है। यह बिना तोड़े-फोड़े घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है।

विधि देखें →
Birth of a Child & Naming Ceremony (नामकरण संस्कार) Lord Sun, Goddess Shashti & Ancestors (सूर्य देव, षष्ठी देवी एवं कुलदेवता)

DIY Home Naamkaran & Child Blessing (नामकरण संस्कार एवं शिशु आशीर्वाद)

नामकरण संस्कार १६ प्रमुख संस्कारों में से एक है जो बच्चे के जन्म के ११वें या १२वें दिन किया जाता है। इससे बच्चे को उसकी ग्रह-दशा के अनुसार शुभ नाम और देवी-देवताओं का आरोग्य आशीर्वाद मिलता है।

विधि देखें →

शास्त्रों के मुख्य नियम

  • संकल्प: पूजा शुरू करने से पहले अपना नाम, स्थान और पूजा करने के उद्देश्य का मन में संकल्प लें।
  • स्थान शुद्धि: उत्सव या संस्कार पूजा से पूर्व पूरे घर का कूड़ा-कचरा साफ करना अनिवार्य है।
  • दान-पुण्य: किसी भी बड़े अवसर की पूजा के अंत में जरूरतमंदों को भोजन या दान अवश्य दें।

पर्व पूजाएँ · दिन एवं देवता पूजाएँ