अवसर एवं देवता
परिचय
जब घर में तनाव, बीमारी या आर्थिक रुकावटें आ रही हों, तो वास्तु दोष निवारण और ऊर्जा शुद्धि पूजा की जाती है। यह बिना तोड़े-फोड़े घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है।
ऊर्जा शुद्धि सामग्री
- भीमसेनी (शुद्ध) कपूर और लौंग
- कांच की कटोरी में डली वाला सेंधा नमक
- पीतल की घंटी / शंख
- गंगाजल या हल्दी मिला जल
- घी का दीपक
पूजा विधि — चरणबद्ध
चरण 1
सेंधा नमक कटोरी स्थापना (ऊर्जा अवशोषण)
शास्त्रानुसार: कांच की छोटी कटोरियों में सेंधा नमक भरकर घर के दक्षिण-पश्चिम कोने, अंधेरी जगहों और बाथरूम में रखें। नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोखता है। इसे हर १५ दिन में बदलें।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः
चरण 2
भीमसेनी कपूर एवं लौंग आहुति
पीतल के दीपक में २ टुकड़े भीमसेनी कपूर और २ लौंग रखें। संध्या समय इसे जलाकर 'ॐ नमः शिवाय' जपते हुए सभी कमरों में घुमाएं। यह वातावरण के सूक्ष्म कीटाणुओं और दोषों को जलाता है।
ॐ नमः शिवाय
चरण 3
ध्वनि ऊर्जा शुद्धि (शंखनाद एवं घंटी)
ध्वनि तरंगें रुकी हुई ऊर्जा को चलायमान बनाती हैं। घर के पिछले हिस्से से शुरू करके मुख्य द्वार तक शंख बजाएं या घंटी की तीव्र ध्वनि फैलाएं।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
चरण 4
हल्दी-गंगाजल छिड़काव
एक पात्र में गंगाजल और चुटकी भर हल्दी मिलाएं। आम के पत्ते या फूल से घर की सभी दीवारों, दरवाजों और खिड़कियों पर इस जल का छिड़काव करें।
ॐ वास्तोष पते प्रति जानीह्यस्मान् स्वावेशो अनमीवो भवा नः।