अवसर एवं देवता
परिचय
नए घर में रहने से पहले गृह प्रवेश एवं वास्तु पूजा की जाती है। इससे घर के नकारात्मक दोष दूर होते हैं, वास्तु पुरुष और माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है तथा घर में सुख-शांति का वास होता है।
गृह प्रवेश सामग्री सूची
- कच्चा गाय का दूध और नया बर्तन
- आम के पत्ते और द्वार पर बांधने के लिए तोरण
- तांबे का कलश, नारियल और कलावा/मौली
- कुमकुम/रोली, हल्दी और अक्षत
- कपूर और कपूर दानी या लोबान/धूप
- सेंधा नमक और स्प्रे बोतल
- गुड़ या मिठाई
पूजा विधि — चरणबद्ध
चरण 1
मुख्य द्वार पूजन एवं स्वास्तिक
शास्त्रानुसार: मुख्य द्वार ही शुभ ऊर्जा के प्रवेश का मार्ग है। द्वार पर आम के पत्तों का तोरण बांधें। द्वार के दोनों ओर रोली-घी से स्वास्तिक बनाएं। दाहिना पैर आगे बढ़ाकर गणेश जी का चित्र या कलश हाथ में लेकर नए घर में प्रवेश करें।
ॐ द्वारधीशाय नमःॐ श्री गणेशाय नमः
चरण 2
कलश स्थापना एवं ईशान कोण पूजन
घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर कलश स्थापित करें। कलश में जल, सिक्का, आम के पत्ते और नारियल रखें। वास्तु पुरुष और माँ लक्ष्मी का ध्यान कर स्थायी वास की प्रार्थना करें।
ॐ वास्तुपुरुषाय नमःॐ महालक्ष्म्यै नमः
चरण 3
दूध उबालने की रस्म (समृद्धि प्रतीक)
रसोई घर में नए बर्तन में गाय का दूध उबालें। दूध को बर्तन से थोड़ा बाहर उबलकर बहने दें—यह जीवन में समृद्धि और धन-धान्य के उफान का प्रतीक है। इसके बाद इसमें चीनी व इलायची डालकर मिष्ठान बनाएं।
ॐ अन्नपूर्णायै नमः
चरण 4
कपूर धूनी एवं वातावरण शुद्धि
कपूर या गूगल की धूनी लेकर पूरे घर के प्रत्येक कमरे में घंटी बजाते हुए घूमें। सेंधा नमक मिला जल घर के सभी कोनों में छिड़कें ताकि पुरानी नकारात्मक ऊर्जा का नाश हो।
ॐ अपसर्पन्तु ते भूता ये भूता भूमिसंस्थिताः।