दिन एवं देवता
परिचय
रविवार का दिन प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य को समर्पित है। प्रातःकाल सूर्य देव को जल (अर्घ्य) अर्पित करने से उत्तम स्वास्थ्य, आत्मविश्वास, तेज और सफलता प्राप्त होती है।
सूर्य अर्घ्य सामग्री
- तांबे का लोटा
- शुद्ध जल
- रोली या लाल चंदन पाउडर
- लाल फूल की पंखुड़ियां और थोड़े अक्षत
- छोटा सा गुड़ का टुकड़ा
पूजा विधि — चरणबद्ध
चरण 1
प्रातः जल पात्र तैयारी
शास्त्रानुसार: सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में शुद्ध जल भरें। उसमें रोली, लाल फूल की पंखुड़ियां, अक्षत और गुड़ का टुकड़ा डालें।
ॐ सूर्याय नमः
चरण 2
सूर्य देव को अर्घ्य दान
पूर्व दिशा की ओर सूर्य देव के सम्मुख खड़े हों। तांबे के पात्र को छाती से ऊपर उठाएं और पतली धार से जल अर्पित करें। गिरती जलधार के बीच से सूर्य देव का दर्शन करें। ध्यान रखें कि जल पैरों पर न पड़े।
ॐ एहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते ।अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर ॥
चरण 3
सूर्य नमस्कार एवं मंत्र जाप
जल अर्पित करने के बाद हाथ जोड़ें, जल के छींटे अपने माथे और आंखों पर लगाएं, 3 बार प्रदक्षिणा करें और 11 बार सूर्य मंत्र या गायत्री मंत्र का जाप करें।
ॐ घृणिः सूर्याय नमःॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्