Cosmic Myths

समुद्र मंथन और सामूहिक सहयोग

पात्र: Devas, Asuras, Lord Vishnu (Kurma), Lord Shiva

एक समय देवताओं और असुरों को समुद्र से छिपे हुए खजाने और अमृत पाने की इच्छा हुई, लेकिन कोई भी अकेले यह काम नहीं कर सकता था। विष्णु भगवान की सलाह पर दोनों पक्षों ने मिलकर काम करने का फैसला किया! उन्होंने मंदार पर्वत को मथनी बनाया और वासुकी नाग को रस्सी। नीचे विष्णु जी ने कछुए का रूप लेकर पर्वत को अपने ऊपर संभाला। मंथन के दौरान पहले विष और कई कठिनाइयां आईं, लेकिन सबने मिलकर धैर्य रखा और अंत में अनमोल रत्न प्राप्त किए।

इस कथा के मूल्य

  • Collaboration
  • Long-term Planning
  • Patience through Adversity