योग निद्रा · संकल्प · तुरीय

योग निद्रा: मानसिक निद्रा और सचेत पुनर्स्थापन

सुषुप्ति में जागरूकता — संकल्प से पंच कोश तक

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परिचय

योग निद्रा

योग निद्रा सचेत विश्रांति की क्रमबद्ध अवस्था है—साधक भीतर जागरूक रहता है जबकि शरीर और तार्किक मन सुषुप्ति जैसी गहरी निद्रा में प्रवेश करते हैं। यह जाग्रत चेतना और अचेतन मन के बीच सेतु है।

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चेतना की अवस्थाएँ

बहिर्मुखी इंद्रिय जागरूकता (स्थूल)।

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मस्तिष्क तरंग प्रगति

सक्रिय जागृति, तर्क, बाहरी सतर्कता, उच्च तनाव संभावना।

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आठ-चरण क्रमबद्ध ढाँचा

शवासन में लेटना, शारीरिक स्थिरता, बाह्य शोर से इंद्रिय निवृत्ति।

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पंच कोश मानचित्र

योग निद्रा मानव अस्तित्व के पाँच कोशों को क्रमशः भेदती है।

अन्नमय कोश

अन्नमय कोश न्यास एवं शारीरिक विश्रांति

प्राणमय कोश

प्राणमय कोश श्वास गणना एवं वायु जागरूकता

मनोमय कोश

मनोमय कोश विपरीत युग्म एवं भाव संतुलन

विज्ञानमय कोश

विज्ञानमय कोश आद्यप्रतीक कल्पना एवं प्रतीक शुद्धि

आनंदमय कोश

आनंदमय कोश निरंतर मौन एवं अद्वैत आनंद
  • तनाव प्रबंधन, आघात राहत और PTSD पुनर्प्राप्ति (जैसे iRest)।
  • अनिद्रा और सर्कैडियन लय नियमन।
  • संकल्प से सीमित करने वाली आदतों का पुनर्लेखन।
  • उच्च मानसिक माँग वाले कार्यों के लिए गहरी मानसिक पुनर्स्थापना।