एक दयालु ब्राह्मण को जंगल में एक तूफान के दौरान कांपता हुआ घायल नेवला मिला। उन्होंने उसे उठाकर अपने शॉल में छिपा लिया और घर ले आए। परिवार ने उसे दूध पिलाकर उसकी देखभाल की। वह नेवला ठीक होकर उनके घर का प्यारा हिस्सा बन गया। इससे बच्चों को यह सीख मिलती है कि हर जीव के प्रति दया और प्रेम रखना हमारा स्वभाव होना चाहिए।