Values & Ethics

श्रवण कुमार की पितृ-भक्ति

पात्र: Shravan Kumar, His Blind Parents

श्रवण कुमार एक ऐसे आज्ञाकारी बेटे थे जिनके बूढ़े माता-पिता देख नहीं सकते थे और पूरे देश की तीर्थयात्रा करना चाहते थे। जब वे चल नहीं सकते थे, तो श्रवण ने एक लकड़ी की कांवड़ बनाई, उसमें अपने माता-पिता को बैठाया और अपने कंधों पर उठाकर पूरे भारत की यात्रा कराई। उनका प्यार और सेवाभाव आज भी बच्चों के लिए माता-पिता के प्रति सम्मान का सबसे बड़ा उदाहरण है।

इस कथा के मूल्य

  • Filial Respect
  • Duty
  • Selflessness
  • Service