Epics & Literature

वेद व्यास और गणेश जी का तालमेल

पात्र: Sage Vyasa, Ganesha

ऋषि वेद व्यास ने अपने मन में महाभारत रची, लेकिन उन्हें लिखने के लिए एक ऐसे लेखक की जरूरत थी जो रुके नहीं। उन्होंने गणेश जी से प्रार्थना की। गणेश जी ने शर्त रखी, 'मैं लिखूंगा, लेकिन मेरी कलम रुकनी नहीं चाहिए, अगर आप रुके तो मैं लिखना छोड़ दूंगा।' व्यास जी ने भी शर्त रखी, 'ठीक है, लेकिन आप हर श्लोक का अर्थ समझकर ही लिखेंगे।' जब भी व्यास जी को सोचने की जरूरत होती, वे ऐसा गहरा श्लोक बोलते कि गणेश जी को अर्थ समझने के लिए एक पल रुकना पड़ता। इस तरह दोनों की टीमवर्क से महाकाव्य लिखा गया।

इस कथा के मूल्य

  • Efficiency
  • Teamwork
  • Overcoming Obstacles