पारंपरिक प्रातः श्लोक
कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती। करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥
सरल अर्थ
भोर में याद रखो: ईमानदार काम में समृद्धि, सीखने में ज्ञान, और प्रयासों की जड़ में रक्षा — कृतज्ञता से दिन शुरू करो।
कब पढ़ें
जागने के पहले मिनट, फ़ोन खोलने से पहले।