ईशावास्योपनिषद् १
ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत्। तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृधः कस्यस्विद्धनम्॥
सरल अर्थ
यह सब पवित्र में बसा है। ज़रूरत का आनंद हल्के हाथ से लो — जो पकड़ने का नहीं, उसे लालच से मत छीनो।
कब पढ़ें
जब तुलना स्क्रॉल पैसे की चिंता बढ़ा दे।