पावन कथा

सुंदरकांड कथा

रामायण का अत्यंत पवित्र ५वां अध्याय, जिसमें हनुमान जी के समुद्र लांघने, अशोक वाटिका में माता सीता की खोज करने, रावण को चेतावनी देने तथा लंका दहन द्वारा अधर्म के अहंकार को भस्म करने का सुंदर वर्णन है।

संबद्ध देव-देवी

अध्याय 1

समुद्र लंघन एवं विघ्न निवारण

जामवंत जी द्वारा शक्तियां याद दिलाने पर हनुमान जी ने महेंद्र पर्वत से लंका की ओर विशाल छलांग लगाई। मार्ग में उन्होंने मैनाक पर्वत को आदरपूर्वक प्रणाम किया, सुरसा को बुद्धि से संतुष्ट किया और छाया पकड़ने वाली सिंहिका राक्षसी का वध कर सकुशल लंका के तट पर प्रवेश किया।

पठन संदर्भ

कथा, पाठांतर और अभ्यास

यह सार्वजनिक गाइड एक संक्षिप्त भक्तिपूर्ण पुनर्कथन है। विभिन्न पुराणों, रामायण परंपराओं, क्षेत्रों और संप्रदायों में प्रसंग व विवरण अलग हो सकते हैं।

  • पहले कथा पढ़ें, फिर नीचे दिए कथा-पाठ पर विचार करें।
  • व्रत या विधिवत पाठ के लिए अपने परिवार या परंपरा के स्वीकृत संस्करण का प्रयोग करें।
  • संबद्ध देवता गाइड से प्रतीक और उपासना संदर्भ समझें।

कथा-पाठ

साहस, बुद्धि और भक्ति समुद्र पार करते हैं; अहंकार लंका-सा जलता है।

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