पावन कथा

श्री रामचरितमानस / रामायण कथा

भगवान श्री राम के दिव्य अवतार की संपूर्ण कथा, जो जीवन के हर मोड़ पर धर्म, त्याग, सत्य और आदर्श मानवीय संबंधों की पराकाष्ठा को दर्शाती है।

संबद्ध देव-देवी

अध्याय 1

बालकांड (दिव्य प्राकट्य एवं प्रारंभिक बाल-लीला)

अयोध्या के राजा दशरथ ने पुत्रकामेष्टि यज्ञ कराया, जिससे चार दिव्य राजकुमारों—राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। ऋषि विश्वामित्र के साथ जाकर बालक राम ने ताड़का और सुबाहु का वध किया तथा माता अहल्या का उद्धार किया। जनकपुर में राजा जनक के दरबार में श्री राम ने भगवान शिव के धनुष का भंजन कर माता सीता से विवाह किया।

पठन संदर्भ

कथा, पाठांतर और अभ्यास

यह सार्वजनिक गाइड एक संक्षिप्त भक्तिपूर्ण पुनर्कथन है। विभिन्न पुराणों, रामायण परंपराओं, क्षेत्रों और संप्रदायों में प्रसंग व विवरण अलग हो सकते हैं।

  • पहले कथा पढ़ें, फिर नीचे दिए कथा-पाठ पर विचार करें।
  • व्रत या विधिवत पाठ के लिए अपने परिवार या परंपरा के स्वीकृत संस्करण का प्रयोग करें।
  • संबद्ध देवता गाइड से प्रतीक और उपासना संदर्भ समझें।

कथा-पाठ

धर्म वनवास, मित्रता और करुणामय शासन में जीया जाता है।

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